
Employment Linked Incentive Scheme 2026: केंद्र सरकार ने भारत में बढ़ती बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को प्राइवेट नौकरियों के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से Employment Linked Incentive Scheme (ELI Scheme) की शुरुआत की है। यह योजना उन युवाओं के लिए बहुत उपयोगी है जो पहली बार निजी क्षेत्र में नौकरी शुरू कर रहे हैं, साथ ही यह कंपनियों को नई भर्तियाँ करने के लिए भी प्रोत्साहित करती है।
अगर आपने 1 अप्रैल 2025 के बाद प्राइवेट सेक्टर में अपनी पहली नौकरी शुरू की है, तो यह योजना आपके लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकती है। सरकार इस स्कीम के तहत युवाओं को ₹15,000 तक का प्रोत्साहन लाभ देने जा रही है, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और निजी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी।
इस लेख में हम आपको Employment Linked Incentive Scheme 2026 की पूरी जानकारी सरल भाषा में बताएँगे जिसमें इसके मुख्य लाभ, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया शामिल हैं। लेख के अंत में हमने महत्वपूर्ण लिंक भी साझा किए हैं ताकि आप पूरी जानकारी पढ़कर इस योजना का लाभ आसानी से उठा सकें।
Employment Linked Incentive Scheme 2026 Overview
| विषय | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Employment Linked Incentive Scheme (ELIS) 2026 |
| कार्यान्वयन विभाग | श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार |
| लॉन्च तिथि | 12 जुलाई 2025 |
| लाभार्थी वर्ग | पहली बार प्राइवेट सेक्टर में नौकरी शुरू करने वाले युवा और भर्ती करने वाली कंपनियां |
| युवाओं के लिए लाभ | ₹15,000 की आर्थिक सहायता, दो किश्तों में प्रदान की जाएगी |
| कंपनियों के लिए लाभ | प्रति कर्मचारी ₹3,000 मासिक प्रोत्साहन राशि |
| योजना अवधि | 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक |
| आधिकारिक वेबसाइट | epfindia.gov.in |
Check Also:-
Aadhaar Seeding Online 2026 घर बैठे 2 मिनट में बैंक खाते से आसानी से आधार लिंक करें!
Employment Linked Incentive Scheme 2026 क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई Employment Linked Incentive Scheme (ELIS) 2026 एक ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य देश में रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, जो युवा 1 अप्रैल 2025 के बाद अपनी पहली प्राइवेट नौकरी शुरू करते हैं, उन्हें सरकार की ओर से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही, उन कंपनियों को भी लाभ मिलेगा जो नए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं उन्हें प्रति कर्मचारी ₹3,000 मासिक इंसेंटिव दिया जाएगा।
यह योजना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही है, और इसे 12 जुलाई 2025 को लॉन्च किया गया था। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थायी रोजगार सृजन करना और युवाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। इस पूरी प्रक्रिया का संचालन EPFO के आधिकारिक पोर्टल epfindia.gov.in के माध्यम से किया जाएगा।
Employment Linked Incentive Scheme 2026 के तहत युवाओं को मिलने वाले लाभ
केंद्र सरकार की Employment Linked Incentive Scheme (ELIS) 2026 का सबसे बड़ा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो पहली बार प्राइवेट सेक्टर में नौकरी शुरू कर रहे हैं। इस योजना के तहत पात्र युवाओं को सरकार की ओर से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि दो किश्तों में दी जाएगी जिससे नए कर्मचारियों को आरंभिक रोजगार अवधि में आर्थिक सहायता मिल सके और वे अपने करियर की अच्छी शुरुआत कर सकें।
इसके अलावा, यह योजना युवाओं को स्थायी रोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है और निजी क्षेत्र में रोजगार स्थिरता बढ़ाने में मदद करेगी। इससे न केवल युवाओं की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि उन्हें अपने भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय आधार तैयार करने का अवसर भी मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से लाखों युवाओं को औपचारिक रोजगार प्रणाली में जोड़ना और देश की रोजगार दर में सकारात्मक बढ़ोतरी लाना है। आवेदन और लाभ से जुड़ी पूरी प्रक्रिया EPFO के आधिकारिक पोर्टल epfindia.gov.in पर पूरी की जाएगी।
Employment Linked Incentive Scheme 2026 : कंपनियों को मिलने वाले लाभ
केंद्र सरकार ने Employment Linked Incentive Scheme (ELIS) 2026 में केवल युवाओं को ही नहीं, बल्कि निजी कंपनियों और नियोक्ताओं को भी शामिल किया है। इस योजना का उद्देश्य कंपनियों को अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत कंपनियों को हर नए कर्मचारी पर उनके वेतन के आधार पर मासिक इंसेंटिव राशि प्रदान की जाएगी। विवरण नीचे दी गई तालिका में देखें —
| कर्मचारी का मासिक वेतन | कंपनी को मिलने वाला मासिक इंसेंटिव |
|---|---|
| ₹10,000 तक | ₹1,000 प्रति कर्मचारी |
| ₹10,001 – ₹20,000 | ₹2,000 प्रति कर्मचारी |
| ₹20,001 – ₹1,00,000 | ₹3,000 प्रति कर्मचारी |
Employment Linked Incentive Scheme 2026 के मुख्य उद्देश्य क्या है?
केंद्र सरकार की Employment Linked Incentive (ELI) Scheme 2026 का मुख्य उद्देश्य देश में अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और व्यवस्थित रोजगार (formal employment) को बढ़ावा देना है। इस योजना के जरिए सरकार ने अगले 2 वर्षों (1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027) के दौरान देश भर में 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है।
- रोजगार का आधारवाला विस्तार: विशेष रूप से निर्माण एवं अन्य उद्योग क्षेत्रों में नए नौकरी के अवसर बढ़ाना, ताकि युवाओं को अधिक और नियमित नौकरियाँ मिल सकें।
- पहली बार काम करने वाले युवाओं को समर्थन: लगभग 1.92 करोड़ पहली बार काम करने वाले युवाओं को औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा (EPFO, बैंक खाता आदि) के साथ जोड़ना।
- उद्योगों को प्रोत्साहित करना: निजी कंपनियों, विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, को नए कर्मचारी भर्ती करने पर मासिक प्रोत्साहन राशि देकर भर्ती प्रक्रिया को आर्थिक रूप से आसान बनाना।
- अनौपचारिक से औपचारिक क्षेत्र की ओर संक्रमण: अनौपचारिक (informal) कामगारों को EPFO रजिस्ट्रेशन, UAN, बैंक और आधार से जोड़कर लंबे समय की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में लाना।
- युवाओं की क्षमता और वित्तीय साक्षरता बढ़ाना: आवश्यक वित्तीय साक्षरता / फाइनेंसल लिटरेसी प्रोग्राम पूरा करने जैसी शर्तों के जरिए युवाओं को बचत, नियोजन और भविष्य की सुरक्षा के बारे में जागरूक करना।
Employment Linked Incentive Scheme 2026 के लिए पात्रता
Employment Linked Incentive Scheme 2026 के तहत लाभ पाने के लिए अलग‑अलग शर्तें युवाओं (Employees) और कंपनियों (Employers) दोनों के लिए तय की गई हैं। यह योजना उन युवाओं को प्रोत्साहित करती है जो पहली बार औपचारिक/प्राइवेट नौकरी में आ रहे हैं और उन कंपनियों को भी लाभ देती है जो वास्तविक रूप से नई नौकरियाँ (net new jobs) पैदा कर रही हैं।
- पहली औपचारिक नौकरी शुरू की हो: उम्मीदवार ने अपनी पहली EPFO-registered प्राइवेट नौकरी 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद शुरू की हो (यानी पहले से EPFO/UAN न हो)।
- आयु सीमा: सामान्य तौर पर उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, ताकि वह वैध रूप से नौकरी और EPFO कवर में आ सके। (सरकारी दस्तावेज़ों में youth-focus 18–29 भी दिया जाता है, पर तुमने जो 18–60 लिखा है, उसे generic रोजगार आयु के रूप में यूज़ कर सकते हो।)
- वेतन सीमा: कर्मचारी का कुल मासिक वेतन ₹1,00,000 से कम होना चाहिए; स्कीम का फोकस low–to–middle income कर्मचारियों पर है, हालाँकि कुछ लोकप्रिय explainers वेतन सीमा का ऑपरेशनल फोकस ₹30,000 या ₹15,000 ब्रैकेट पर रखते हैं।
- लगातार नौकरी की अवधि: लाभ के लिए कर्मचारी को कम से कम 6–12 महीने तक लगातार EPFO-registered कंपनी में काम करना होता है, तभी दोनों किश्तें/इंसेंटिव पूरी तरह मिल पाते हैं।
- EPFO से जुड़ाव और KYC:
- कर्मचारी का EPFO/UAN सक्रिय होना चाहिए,
- आधार और बैंक खाता UAN से लिंक होना ज़रूरी है,
- वेतन, KYC और अन्य विवरण EPFO पोर्टल पर सही‑सही अपडेट होने चाहिए।
Employment Linked Incentive Scheme 2026 आवेदन प्रक्रिया
युवाओं (Employees) के लिए आवेदन प्रक्रिया
- अलग पोर्टल की जरूरत नहीं
- ELI Scheme के लिए कोई अलग नया पोर्टल नहीं है, पूरी प्रक्रिया EPFO सिस्टम के माध्यम से चल रही है।
- EPFO में रजिस्टर हों
- प्राइवेट कंपनी में जॉइन करते समय सुनिश्चित करें कि कंपनी आपको EPFO में रजिस्टर कर रही है और आपका UAN (Universal Account Number) जनरेट हो चुका है।
- UAN एक्टिवेट करें
- EPFO Member Portal पर जाएँ और “Activate UAN” ऑप्शन से अपना UAN एक्टिवेट करें।
- यहाँ आपको UAN, आधार नंबर, नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है।
- आधार और बैंक खाता लिंक करें
- EPFO पोर्टल पर लॉगिन करके अपने UAN के साथ आधार और बैंक खाता लिंक करें।
- यह ज़रूरी है क्योंकि प्रोत्साहन राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
- EPFO योगदान नियमित रहे
- आपकी कंपनी हर महीने आपका PF काटकर EPFO में जमा कर रही हो, ताकि आप formal employee की कैटेगरी में आएँ और स्कीम के रिकॉर्ड में दिखें।
- न्यूनतम सर्विस पीरियड पूरा करें
- स्कीम के तहत ₹15,000 प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में मिलती है
- पहली किस्त: 6 महीने की लगातार सर्विस के बाद
- दूसरी किस्त: 12 महीने की सर्विस + Financial Literacy Course पूरा करने के बाद
- Financial Literacy Course पूरा करें (दूसरी किस्त के लिए)
- EPFO/सरकार द्वारा मान्य Financial Literacy Programme पूरा करना दूसरी किस्त पाने के लिए अनिवार्य शर्त है।
2. कंपनियों (Employers) के लिए आवेदन प्रक्रिया
- EPFO Employer Registration ज़रूरी
- कंपनी का EPFO में valid employer registration होना चाहिए और Employer Login एक्टिव होना चाहिए।
- EPFO Employer Portal पर लॉगिन करें
- EPFO की आधिकारिक वेबसाइट से Employer Portal में यूज़रनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- ELI/PM VBRY मॉड्यूल सक्षम करें
- पोर्टल में उपलब्ध PM VBRY / ELI Scheme से जुड़े टैब या मॉड्यूल को चुनें।
- EPFO ने employers के लिए ELI registration / part-B मॉड्यूल उपलब्ध कराया है, जिसके ज़रिए वे स्कीम के तहत रजिस्टर हो सकते हैं।
- Eligible Employees का डेटा अपडेट करें
- जिन कर्मचारियों को ELI Scheme के तहत शामिल करना है, उनके लिए:
- सही UAN,
- joining date,
- EPF वेतन,
- KYC status
EPFO पोर्टल पर सही और अपडेटेड होना चाहिए। - Net New Employment की रिपोर्टिंग करें
- पिछले वर्ष के EPFO डेटा की तुलना में net new employees की संख्या दिखाना ज़रूरी है, तभी कंपनी को प्रति कर्मचारी इंसेंटिव मिलेगा।
- सही वेतन (Gross Wages) रिपोर्ट करें
- अगस्त 2025 से EPFO ने यह अनिवार्य किया है कि ईसीआर (ECR) में accurate gross wages दर्ज किए जाएँ, ताकि ELI लाभ सही ढंग से कैलकुलेट हो सके।
- समय पर रिटर्न और क्लेम फाइल करें
- EPFO द्वारा जारी सर्कुलर और टाइमलाइन के अनुसार मासिक/पीरियडिक रिटर्न और इंसेंटिव क्लेम ऑनलाइन फाइल करें।
- डिटेल्ड प्रोसेस EPFO के user manual और circulars में दिया गया है, जिन्हें employers को फॉलो करना होता है।
- कम्प्लायंस बनाए रखें
- सभी श्रम कानून, EPFO/ESIC नियम, KYC और रिकॉर्ड‑कीपिंग का पालन लगातार जरूरी है, वरना स्कीम का लाभ रोका या वापस लिया जा सकता है।
महत्वपूर्ण लिंक
| Official Notification | Download |
| EPFO Unified Member Portal (UAN, KYC आदि) | Click Here |
| EPFO Official Website | Click Here |
| EPFO Member Passbook | Click Here |
| EPFO Unified Employer Portal (ECR/Challan) | Click Here |
| EPFO – For Employees | Click Here |
| EPFO – For Employers | Click Here |
| EPFO Circulars (ELI Updates सहित) | Click Here |
| EPFO via UMANG App | Click Here |
FAQs:-
Q1. Employment Linked Incentive Scheme 2026 क्या है और किसके लिए है?
उत्तर: Employment Linked Incentive (ELI) Scheme 2026 केंद्र सरकार की एक योजना है, जो पहली बार औपचारिक/प्राइवेट नौकरी शुरू करने वाले युवाओं और EPFO रजिस्टर्ड कंपनियों दोनों को प्रोत्साहन देती है। इसके तहत पहली बार EPFO से जुड़ने वाले eligible कर्मचारियों को ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में, और नई भर्तियाँ करने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी ₹3,000 तक मासिक इंसेंटिव दिया जाता है।
Q2. Employment Linked Incentive Scheme 2026 के तहत कौन‑कौन से युवाओं को लाभ मिलेगा?
उत्तर: यह स्कीम खास तौर पर उन युवाओं के लिए है जो 1 अगस्त 2025 के बाद पहली बार EPFO से जुड़ी नौकरी शुरू करते हैं, जिनका मासिक वेतन अधिकतम ₹1,00,000 तक है और जो लगातार 6 से 12 महीने तक उसी संस्था में काम करते हैं। ऐसे eligible “First‑Timers” को EPFO रिकॉर्ड और KYC पूरा होने पर सीधे उनके बैंक खाते में एक बार का incentive (₹15,000 तक) दिया जाता है।
Q3. ELI Scheme 2026 के तहत युवाओं को ₹15,000 कैसे और कितनी किस्तों में मिलते हैं?
उत्तर: ELI Scheme के तहत eligible कर्मचारी को कुल मिलाकर एक बार में अधिकतम ₹15,000 दिए जाते हैं, जो आमतौर पर दो किस्तों में आते हैं
- पहली किस्त: जब कर्मचारी 6 महीने की लगातार EPFO‑कवर्ड सर्विस पूरी कर लेता है।
- दूसरी किस्त: जब वही कर्मचारी 12 महीने का लगातार रोजगार पूरा कर लेता है और साथ ही सरकार द्वारा मान्य Financial Literacy Course भी सफलतापूर्वक पूरा करता है।
Q4. Employment Linked Incentive Scheme 2026 के लिए युवाओं की मुख्य पात्रता क्या है?
उत्तर: किसी युवक/युवती को ELI Scheme का लाभ लेने के लिए सामान्यतः ये शर्तें पूरी करनी होती हैं –
- पहली औपचारिक नौकरी (First‑time EPFO enrolment) स्कीम अवधि के भीतर शुरू की हो,
- आधार से लिंक UAN और बैंक खाता हो,
- EPFO रजिस्टर्ड कंपनी में नियुक्ति हो,
- मासिक वेतन ₹1,00,000 से कम हो,
- और कम से कम 6–12 महीने तक लगातार नौकरी की हो, ताकि दोनों किस्तें मिल सकें।
Q5. ELI Scheme 2026 में कंपनियों को कौन‑सा फायदा मिलता है?
उत्तर: EPFO रजिस्टर्ड कंपनियाँ जो नेट नई भर्तियाँ (net new jobs) करती हैं, उन्हें ELI Scheme के तहत प्रति eligible कर्मचारी पर ₹1,000 से ₹3,000 तक मासिक इंसेंटिव दिया जाता है। यह लाभ आम तौर पर दो साल तक मिलता है, बशर्ते कंपनी EPFO में सही डेटा, net addition और श्रम कानूनों का पालन करती रहे। इससे कंपनियों के लिए नई भर्ती करना आर्थिक रूप से आसान और आकर्षक बनता है।
Q6. Employment Linked Incentive Scheme 2026 के लिए अलग से “online form” भरना पड़ता है क्या?
उत्तर: नहीं, अभी ELI Scheme के लिए अलग से कोई नया public apply portal या अलग online form नहीं जारी किया गया है। पूरी प्रक्रिया EPFO सिस्टम के ज़रिए चलती है – यानी अगर कर्मचारी का UAN एक्टिव है, आधार व बैंक लिंक हैं, EPFO में नियमित योगदान हो रहा है और कंपनी ने उसे सही तरीके से रिकॉर्ड में दिखाया है, तो वह स्कीम के दायरे में अपने‑आप आ जाता है। Employers भी EPFO Employer Portal के माध्यम से ही अपने eligible कर्मचारियों का डेटा अपडेट करके लाभ क्लेम करते हैं।






Leave a Comment